माइग्रेन और सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं। शांत वातावरण और सहज श्वास कुछ लोगों को तनाव सँभालने में मदद कर सकती है, लेकिन प्राणायाम माइग्रेन का निश्चित इलाज नहीं है और तेज दर्द में चिकित्सा सलाह जरूरी है।
Nadi Shodhana का परिचय
नाड़ी शोधन में बारी-बारी से नासिका से सांस लेने की पारंपरिक तकनीक शामिल है। शुरुआती लोग बिना सांस रोके और बिना जोर लगाए इसका सरल रूप सीख सकते हैं।
शुरुआती अभ्यास
आराम से बैठें। सांस को प्राकृतिक रखें और यदि नाक खुली हो तो एक-एक नासिका से धीमी सांस लें। कोई निश्चित अनुपात या सांस रोकना जरूरी नहीं। चक्कर, बेचैनी या सांस की कमी हो तो रुकें।
माइग्रेन के समय सावधानी
रोशनी/आवाज से संवेदनशीलता हो तो शांत, कम रोशनी वाले कमरे में आराम करें। दर्द बढ़ाने वाला अभ्यास न करें और निर्धारित उपचार का पालन करें।
कब चिकित्सा सहायता लें
अचानक जीवन का सबसे तेज सिरदर्द, कमजोरी, बोलने/देखने में बदलाव, बुखार के साथ गर्दन अकड़ना या सिर की चोट के बाद दर्द हो तो तुरंत आपात सहायता लें।
लेखक: Mukesh, Ashtangaa Yoga with Mukesh. अभ्यास अपनी क्षमता और योग्य मार्गदर्शन के अनुसार करें।
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